What is Truth and its analysis : सत्य और उसका विश्लेषण !!

4
161
What is Truth and its analysis

What is Truth and its analysis : सत्य और उसका विश्लेषण !!

सत्य और उसका विश्लेषण : सत्य का भी अपना सत्य होता हैWhat is Truth and its analysis: Truth also has its own truth.

सत्य का भी अपना सत्य होता है और हर व्यक्ति का अपना – अपना सत्य होता है। हर बार जरूरी नहीं कि जो हम देखते हैं या सुनते हैं, वह हमेशा सही होता है। लेकिन हम उसे तर्क अथवा यथार्थ और भावना की दृष्टि से देखकर सत्य मान लेते हैं।

उदाहरण के रूप में हम नियमित रूप से सूर्य को पृथ्वी के इर्द – गिर्द चक्कर लगाते हैं लेकिन तर्क अथवा विज्ञान की दृष्टि से यह गलत है।

मान लीजिए कि आप किसी ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं और ट्रेन (जिसमें आप बैठे हैं) ठहरी हुई है और दूसरी ट्रेन धीरे -धीरे अपनी गति पकड़ती है । तो यह प्रतीत होता है कि जिस ट्रेन में हम बैठे हैं वह गतिमान हैं।

अब बात करते हैं सच की – सच एक ‘मंजिल’ है जिसे पाया नहीं जा सकता है क्योंकि हम  उसके जितने करीब जाते हैं, वह बदलता रहता है। यानी कि यह गतिमान है।

यह तो बस एक दिशा बोध है – इधर चलो, मेरी तरफ आओ। जब तक हम वहां पहुंचते हैं तो सच बदल चुका होता है। यह एक ‘विश्लेषण’ की यात्रा है जिसे हम वैज्ञानिक रूप से ‘कार्य और कारणों’ की यात्रा कहते हैं।

‘कार्य’ का अर्थ – किसी घटना, वस्तु, विचार, तथ्य से है। यानी कि कार्य को व्यापक रूप से देखें, तो इसका संबंध किसी चीज के ‘होने से’ है। जिसके पीछे (उस कार्य के पीछे) कोई ना कोई कारण का अस्तित्व छिपा होता है। वह कारण राजनीतिक, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, आर्थिक कुछ भी हो सकता है और उसका संबंध या प्रभाव गहन रूप से, व्यापक स्तर पर हमारी चेतना के रूप में काम करता है।

Read More :- Lockdown is the Best Time to Discover Yourself…!!

हम सत्य को पा तो नहीं सकते लेकिन उसके करीब, आस – पास जरूर पहुंच सकते है। निकट पहुंचने का एकमात्र रास्ता हैं – ‘विश्लेषण करना’। वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखना, चीजों को ‘कार्य – कारण संबंधित ‘ नजरिए से देखना।

कार्य-कारण संबंधों को भी ‘विश्लेषण’ नजरिए से देखने की जरूरत होती है। यानी कि दौड़ की शुरुआत से (Starting Line) से लेकर अंतिम क्षण (Finish Line) सत्य तक पहुंचने के लिए विश्लेषण का वैज्ञानिक विकास करना है।

Read More :- Amazing Facts about Space ! अंतरिक्ष के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य

Read More :- प्रकृति के सिद्धांत और धर्म एवं परंपराएं (Principles of Nature and Religions and Traditions)

दोस्तो उमीद है कि आपको हमारा लेख पसंद आया होगा। हमें आपके सवाल और सुझावों का हमेशा से इंतजार रहता है, अगर आपके कोई सवाल और सुझाव है, तो कृपया हमें सूचित करें।

धन्यवाद! जय हिंद जय भारत..!!

4 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here