A Tribute to Former President of India Shri Pranab Mukherjee (हिंदी)

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A Tribute to Former President of India Shri Pranab Mukherjee

दुनिया में एक अटूट सत्य है – मृत्यु, जिसे नकारा नहीं जा सकता। हर कोई चाहे छोटा हो या बड़ा,  राजा हो या रंक, अमीर हो या गरीब,  हर कोई इस बंधन से बना हुआ है जीवन – मरण के बंधन से बंधा हुआ है। दुनिया की कोई ऐसी ताकत नहीं है, जो मृत्यु के सत्य को नकार सके।

हमारे भारत के भूतपूर्व, सम्मानित, भारत रत्न, महामहिम राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी जी का 84 साल की उम्र में स्वर्ग-वास हो गया।

A Tribute to Former President of India Shri Pranab Mukherjee
A Tribute to Former President of India Shri Pranab Mukherjee.
Former President of India Shri Pranab Mukherjee
A Tribute to Former President of India Shri Pranab Mukherjee

मृत्यु तो एक अटूट सत्य है, जिससे विजय पाना असंभव है। भूतपूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जी के जाने से मुझे एक ख़ालीपन और आघात सा प्रतीक हुआ है। इसका कारण उनकी Magnetic Personality और मेरा उनके प्रति जुड़ाव रहा है।

बात 2018 की है, जब पंजाब की विश्व विख्यात “लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (Lovely Professional University)” ने ‘Transforming Education Awards 2018’ नामक प्रतियोगिता पूरे ‘भारत वर्ष में आयोजित की थी। जिनमें से पूरे भारत वर्ष में सिर्फ 12 विद्यार्थियों का नाम शामिल था। 

अतः सौभाग्य पूर्ण उनमें से एक नाम मेरा भी था। और हमें Lovely Professional University जाने का अवसर मिला।

हम यह जानकर उत्साहित हुए कि वहां भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी भी आमंत्रित हैं। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण उनके स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए उनका आना स्थगित हो गया।

उस दिन हम उनके आने की खबर से उत्साहित थे। लेकिन आज उनका इस तरीके से जाना हमें अंदर से खालीपन का एहसास कराता है।

मैं भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी को अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और ईश्वर से कामना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिले।

भारत रत्न प्रणब मुखर्जी जी ने एक बार राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा – “संविधान मेरी पवित्र पुस्तक, संसद मेरा मंदिर (Constitution My Holy Book, Parliament My Temple)”

धन्यवाद..!

जय हिंद जय भारत..!!

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