One of the Best Motivational Story In Hindi, ऐसा जीवन कहीं नहीं देखा होगा..।

4
250
One of the Best Motivational Story In Hindi, ऐसा जीवन कहीं नहीं देखा होगा..।
One of the Best Motivational Story In Hindi, ऐसा जीवन कहीं नहीं देखा होगा..।

प्रकृति (Nature) में अनंत शक्तियां है और वह हमें बहुत कुछ सिखाती है। हमें प्रकृति और विज्ञान (Nature and Science) पर पूर्ण रूप से भरोसा होना चाहिए। (Motivational Story In Hindi)

नोट :- यह काल्पनिक नहीं वास्तविक कहानी है। कृपया इसे ध्यान से पढ़ें। (Inspirational/Motivational Story In Hindi)

(Story) ऐसा जीवन कहीं नहीं देखा होगा । The Eagle  Motivational Story In Hindi..!!

One of the Best Motivational Story In Hindi, ऐसा जीवन कहीं नहीं देखा होगा..।
One of the Best Motivational Story In Hindi, ऐसा जीवन कहीं नहीं देखा होगा..।
आज जिसके बारे में चर्चा करने जा रहा हूं, वह पक्षियों का राजा है – बाज (The Eagle)।

बाज की उम्र औसतन 70 साल की होती है। लेकिन यह अपनी पूरी उम्र खुशी खुशी या वह नहीं कर पाता जो वह चाहता है।

इसकी कहानी का Twist यह है। कि जब वह लगभग 40 साल की उम्र तक पहुंचता है। उसका पूरा शरीर लगभग उसका साथ छोड़ देता है और उसको काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

नोट :- यह काल्पनिक नहीं वास्तविक कहानी। कृपया इसे ध्यान से पढ़ें।
बाज के सामने खड़ी होने वाली समस्याएं – जैसे (Problems faced by The Eagle)
    1. 40 साल की उम्र में इसकी आगे की चोच मुड़ जाती है। शिकार कर – करके इसकी चोंच सॉफ्ट हो जाती है। (मुड जाती है।) वह शिकार नहीं कर पाता है।
    2. इसके पंख इतने भारी हो जाते हैं कि उसकी छाती से चिपक जाते हैं औऱ उसे उड़ने में तकलीफ होती है।
    3. उसके पैर, जिससे वह झपटा मारता है, शिकार को पकड़ता है, शिकार करते करते उसके नाखून तेढ़े हो जाते हैं। यानी कि किसी काम के नहीं रहते।

40 साल की उम्र में वह उड़ नहीं सकता क्योंकि पंख भारी हो चुके हैं। शिकार पकड़ नहीं सकता क्योंकि उसके पैर के नाखून खराब हो गए हैं। और मान लीजिए अगर उसने शिकार पकड़ भी लिया तो वह चौच से उसे मार नहीं सकता क्योंकि उसकी चौच मुड़ चुकी है।

अब उसका शरीर पूरी तरह से बेकार हो जाता है कोई काम का नहीं रहता। लेकिन ईगल (Eagle) 40 साल की उम्र में भी हार नहीं मानता। वह अपने क्षेत्र की सबसे ऊंची चोटी पर चला जाता है और यहां से शुरुआत होती है उसके संघर्ष की।

    • वह सबसे चोटी पर जाकर अपनी चोच बार-बार पत्थर पर मारता है और जब तक मारता रहता है जब तक वह चोच टूट नहीं जाती। और वह इस पीड़ा को सहन करता है। बार-बार मारता रहता है जब तक वह टूट नहीं जाती। (इतनी पीड़ादायक है शायद ही हम और आप सोच सके)
    • अब अपने पैर के नाखूनों को पत्थर पर रगड़ रगड़ कर तोड़ देता है ताकि फिर से नए नाखून आ सके।
    • और जैसे ही उसकी नई चोच आती है तो वह अपनी नई चोच से अपने परों (पंखों) को तोड़ता है। अपने शरीर से ही अपने पंखों को उखाड़ता है क्योंकि अब यह पंख उसके उड़ने लायक नहीं रहे।
    • अब आप सोच सकते उसको कितनी पीड़ा होती होगी इतना सहन करता होगा  लेकिन इस प्रक्रिया से हर ईगल गुजरता है हर किसी को यह दर्द सहन करना पड़ता है।

6 महीने की इस प्रक्रिया के बाद वह नया ईगल बन जाता है क्योंकि उसके पंख और पैर के नाखून नये आ जाते है। और वह 70 साल तक जीता है और जीता ही नहीं बल्कि शान से जीता है। अपनी मनमर्जी से जीता है।

हमें उम्मीद है कि इस कहानी को पढ़ने के बाद आप कुछ ना कुछ सोचने पर मजबूर हुए होंगे। लेकिन यह काल्पनिक नहीं वास्तविक कहानी। कृपया इसे ध्यान से पढ़ें। (Inspirational Story In Hindi)

Read More:- ईश्वर को समझने का अवसर – What is God – Where is God? Where is the God at the Time of Lockdown…?

Read More :- A Beautiful Motivational Story in Hindi of a Genius खूबसूरत प्रेरणादायक कहानी..!

अगर आपको यह कहानी (The Eagle Motivational Story In Hindi) पसंद आया हो, तो आप इसे अपने साथियों के साथ शेयर करना ना भूले। यह उनके लिए भी काफी लाभदायक साबित होगा। और हमें फेसबुक पर भी फॉलो कर सकते हैं।

आपके सवाल और सुझावों का हमेशा से स्वागत है। आप हमें अपने सवाल और सुझाव Comment कर सकते हैं या हमें E-Mail करके भी सूचित कर सकते हैं।

आप हमें अपने सवाल और सुझाव कमेंट कर सकते हैं। ऐसी Post की जानकारी के लिए आप Notification “Allow” करना ना भूलें।

धन्यवाद !

जय हिन्द जय भारत !!

By HimanshuAgrawal24

4 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here