The Drainage System of India, Indian River System In Hindi

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मकड़ियों के जाल की तरह नदियां हमारे देश के नक्शे में फैली हुई है
इस लेख के माध्यम से आप लोगों को भारत की महत्वपूर्ण नदियों की प्रमुख (The Drainage system of India) विशेषताएँ बताने की कोशिश की गयी है। हालांकि यह विषय (Rivers of India) काफी बड़ा और जटिल भी माना जाता है, पर हमने इस टॉपिक को (Indian River System) इस तरीके से लिखने की कोशिश की है कि हम इस लेख (Drainage system of India) में ज्यादा जानकारियां ना भरे और साथ ही कोई मुलभूत जानकारी भी ना छूटे।

Major Information of Important Rivers of India..! Point by Point (भारत की महत्वपूर्ण नदियों की प्रमुख जानकारियां..!)Rivers-of-India

भारत की नदियों (Rivers of India) को भारत का अपवाह तंत्र (Drainage System in India) भी कहा जाता है।

पूरे भारत में नदियां इस तरीके से फैली हुई है जैसे अगर आप भारत के नक्शे में नदियों को देखेंगे तो ऐसा लगेगा जैसे यह नदियों का जाल है। और अन्त में यह सभी नदियां समुद्र अथवा खाड़ी मैं आकर ही मिलती है।

नोट :- यह नदियां कहीं से भी निकलेचाहे पहाड़ों से हो या ग्लेशियर से’ मिलती आखिरकार समुद्र या खाड़ी में ही

यह ठीक उसी तरीके से है जिस तरीके से गीता में श्री कृष्ण ने कहा है औऱ स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की विश्व धर्म सम्मेलन’ (1893) में चर्चा की थी और उनके भाषण की शुरुआत ही लगभग इसी श्लोक से हुई  है।

जिस प्रकार आकाश से गिरा हुआ जल किसी ना किसी रास्ते होकर समुद्र में पहुंच ही जाता है ठीक उसी प्रकार कोई भी व्यक्ति, चाहे किसी भी धर्म का हो, किसी भी भाषा में बात करें, किसी भी ईश्वर का नाम लेकर प्रार्थना करें, अंततः वह मेरे पास ही आता है यानी कि जो, अंततः जो जल है वह आकर के बड़े सागर के जल में मिल जाता है चाहे वह किसी कहीं भी बरसे

भारतीय नदी प्रणाली (The Drainage system of India) को हम दो भागों में विभाजित करके समझने की कोशिश करेंगे!

A. उत्तर भारत की नदियां या हिमालय अपवाह तंत्र (Rivers of North India or Himalaya Drainage System)

B. दक्षिण भारत अपवाह तंत्र या प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र (South Indian Drainage System and The Peninsular Drainage System)

A. उत्तर भारत की नदियां या हिमालय अपवाह तंत्र (Rivers of North India or Himalaya Drainage System) :-

हिमालय प्रभा तंत्र को तीन भागों में बांटा गया है।

  1. सिंधु नदी तंत्र (The Indus River System)
  2. गंगा नदी का तंत्र (The Ganga River System)
  3. ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र (The Brahmaputra River System)

1. सिंधु नदी तंत्र (The Indus River System)

  • सिंधु नदी की कुल लंबाई 2880 km है।
  • भारत में इसकी लंबाई 1114 km है।
  • तिब्बत में इसको शिंगी खंबन (Singi Khamban) के नाम से जाना जाता है जिसका हिंदी भाषा में अर्थ ‘शेर मुख’ है।
  • यह नदी तिब्बत कैलाश श्रेणी के ग्लेशियर जिसका नाम ‘बोखर चू (Bokhar Chu)’ स्थान के पास के हिमनद (Glaciers) से उद्गम हुआ है।
  • यह भारत में केवल जम्मू और कश्मीर राज्य (लेह जिले) में बहती है और अंततः कराची (पाकिस्थान) से अरब सागर (Arabian Sea) में मिलती है।

सिंधु अपवाह तंत्र की सहायक नदियां (Tributaries of the Indus Drainage System)

i. झेलम नदी (Jhelum River) :- उद्गम स्थल – वेरीनाग झील (Verinag), जम्मू और कश्मीर।

ii. चिनाब नदी (Chenab River)

    • सिंधु नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है।
    • चिनाब नदी का जन्म दो नदियों से मिलने से होता है ‘चंद्र और भागा’ (The Chandra and The Bhaga)।
    • ये दोनों नदियाँ हिमाचल प्रदेश में केलांग के पास टांडी से मिलती हैं। (The Tandi near Keylong in Himachal Pradesh).

iii.  रावी नदी (Ravi River) :- यह हिमाचल प्रदेश के कुल्लू पहाड़ियों में रोहतांग दर्रे के पश्चिम से निकलती है और        राज्य की लंबी घाटी से बहती है।

iv.  व्यास नदी (Beas River) :- यह रोहतांग दर्रे के निकट या कुंड से निकलती है।

v.   सतलुज नदी (Sutlej River) :- सतलुज नदी तिब्बत में 4555 मीटर की ऊंचाई पर मानसरोवर के निकट           ‘राक्षस ताल (Lake Rakshastal)’ से निकलती है।

2.  गंगा नदी का तंत्र (The Ganga River System)

    • उद्गम- गोमुख के पास गंगोत्री ग्लेशियर। (Gangotri Glacier near Gomukh)
    • भागीरथी और अलकनंदा, यह दोनों नदियां आपस में देवप्रयाग (उत्तराखंड) के पास मिलती है वहीं से इसे, गंगा नदी के रूप में जाना जाता है।
    • यह नदी पहली बार पहाड़ों से मैदानी क्षेत्र में हरिद्वार में पहुँचती है
    • इसकी कुल लंबाई 2525 किलोमीटर है। (उत्तराखंड (Uttarakhand) – 110 km; उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) – 1450 km; पश्चिम बंगाल (West Bengal) – 520 km; बिहार और झारखंड (Bihar and Jharkhand) – 445 km )

गंगा नदी तंत्र की सहायक नदियां (Tributaries of Ganges River System)

i.)   यमुना नदी (Yamuna River) :-

    • यह गंगा की सबसे महत्वपूर्ण लंबी सहायक नदी है।
    • गंगा और यमुना का संगम इलाहाबाद में होता है।

ii.)  गोमती नदी (Gomti River)

iii.) गंडक नदी (Gandak River)

iv.) घाघरा नदी (Ghaghra River)

v.) कोसी नदी (Kosi River)

नोट:- गंगा नदी, बंगाल की खाड़ी में प्रवाहित होने से पहले ‘सुंदरवन डेल्टा का निर्माण करती है। सुंदरवन डेल्टा का नाम ‘सुंदरी पेड़’ (Sundari Tree) से पड़ा है।

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3. ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र (The Brahmaputra River System)

    • यह पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी नदी है।
    • ब्रह्मपुत्र, दुनिया की सबसे बड़ी नदी में से एक है, जिसका उद्गम मानसरोवर झील (Mansarovar Lake) के पास कैलाश रेंज के चेमायुंगडुंग ग्लेशियर (The Chemayungdung Glacier) में हुआ है।
    • तिब्बत में इसका नाम यरलुंगत्संगपो (The Yarlung Tsangpo) है।
    • यह नदी भारत में अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) से प्रवेश करती है।
    • असम के दो प्रमुख नगर गुवाहाटी (Guwahati) और डिब्रूगढ़ (Dibrugarh) दोनों ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर ही स्थित है।
    • असम में ब्रह्मपुत्र नदी के बीच माजुली (Majoli/Majuli River Island ) नदी द्वीप है।

माजुली नदी द्वीप (Majoli/Majuli River Island )

    • 2016 में असम सरकार ने जिला घोषित किया था।
    • इसका क्षेत्रफल (Area) 350/352 वर्ग किलोमीटर है।
    • इसकी जनसंख्या लगभग 167,000 है।

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B. भारत का दक्षिण अपवाह तंत्र या प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र (South Indian Drainage System and The Peninsular Drainage System)

      • प्रायद्वीपीय चट्टाने (The Peninsular Rocks) कठोर चट्टानों से बनी हुई है।
      • प्रायद्वीपीय की नदियां (The Peninsular Drainage System) अधिकतर ज्यादातर पश्चिम घाट से निकलती हैं।
      • प्रायद्वीपीय नदियां (The Peninsular Rivers) पूर्व में बंगाल की खाड़ी (Way of Bengal) में अपना जल छोड़ती है।
      • यहा की नदियां तुलनात्मक उत्तर भारत की नदियां (Rivers of North India) से ज्यादा लंबी नहीं होती है।
1.) महानदी नदी (Mahanadi River) :-
    • लंबाई – 851 किलोमीटर।
    • महानदी नदी (Mahanadi River) का उद्गम छत्तीसगढ़ के सिहावा पर्वत (Sihawa Mountain in Chhattisgarh) से हुआ है।
2.)  गोदावरी नदी (Godavari River) :-
    • यह प्रायद्वीपीय का सबसे बड़ा नदी तंत्र है।
    • इसकी लंबाई 1465 किलोमीटर है।
    • उद्गम स्थल – महाराष्ट्र नासिक जिला !
3.) कृष्णा नदी (Krishna River) :- 
    • इसकी लंबाई 1401 किलोमीटर है।
    • कृष्णा प्रायद्वीपीय नदियों में बहने वाली दूसरी सबसे बड़ी नदी है।
    • कृष्णा नदी का उद्गम महाराष्ट्र राज्य में जोर गाँव के आसपास के क्षेत्र महाबलेश्वर में हुआ है।

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4.) कावेरी नदी (Kaveri River)
    • इसकी लंबाई 800 किलोमीटर है।
    • उद्गम – कर्नाटक के कगडू जिले के बेगमगिरी पहाड़ियों (Beahmagiri Hills of Kagadu District of Karnataka में मिलती है।
    • इसका पानी कभी सूखता नहीं है क्योंकि इसको दोनों मांसून से वर्षा/पानी मिलता है। (दक्षिण पश्चिम मानसून और उत्तर पूर्वी मानसून‌)
5.) नर्मदा नदी (Narmada River)
    • इसकी लंबाई 1312 किलोमीटर है।
    • उद्गम – अमरकंटक पहाड़ी (मध्य प्रदेश)।
    • यह अरब सागर में जाकर मिलती है।

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इस लेख के माध्यम से हमने आपको भारतीय नदी प्रणाली (Indian River System) के विषय में थोड़ा विस्तार के साथ अथवा मूलभूत जानकारी दी गई है। हमें उम्मीद है कि आपको यह लेख पसंद आया होगा।

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जय हिन्द जय भारत !!

16 COMMENTS

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