{Detail} Democracy in India & Other Countries – Direct लोकतंत्र

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आपको इस लेख (Democracy in India)के माध्यम से लोकतंत्र (Democracy) से संबंधित आपको काफी प्रश्नों के उत्तर मिलने वाले है।

इस लेख को पढ़ने में आपको मजा भी आएगा और काफी सारी जानकारियां भी मिलेगी। बस आपको जरूरत है धैर्य के साथ इस लेख को पूरा ध्यान से पढ़ने की। 

Democracy in India & Other Countries in Detail – Direct democracy (लोकतंत्र भारत और अन्य देशों में लोकतंत्र – प्रत्यक्ष लोकतंत्र) – Overview

लोकतंत्र को आप दो व्यक्तियों के बीच में अनुबंध (Contract) मान सकते हैं।

    • पहला वह जो लोग चुने जाते हैं (Representatives) और
    • दूसरा जिनके द्वारा चुना गया जाता है (People)।
    • और इसका भारत में हर 5 साल में निरीक्षण (Inspection) किया जाता है।

पिछले लेख में हमने लोकतंत्र के बारे में विस्तार से बात की है। जिसमें हमने लोकतंत्र का अर्थ (Meaning of Democracy), लोकतंत्र के मुख्य तत्व (Pillars of Democracy), और दुनिया के अलग-अलग देशों के उदाहरणों के माध्यम से लोकतंत्र को समझने की कोशिश करें।

आज हम चर्चा करेंगे कि अन्य तंत्रों (Systems) के मुकाबले लोकतंत्र (Democracy) को ही सर्वोत्त क्यों माना जाता है और दुनिया के अधिकांश देशों में लोगों ने लोकतंत्र को ही क्यों (Why Democracy) अपनाया है।

Table of Contents

महत्वपूर्ण प्रश्न और कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न

इस लेख को पढ़ने के बाद आपको कुछ प्रश्नों के उत्तर ढूंढने में आसानी होगी (मिलेंगे)। जैसै :-

    • लोकतंत्र क्या है और लोकतंत्र क्यों है? (What and Why Democracy?)
    • प्रत्यक्ष लोकतंत्र क्या है? (What is Direct Democracy?)
    • भारतीय चुनाव प्रकृति में लोकतांत्रिक क्यों माने जाते हैं?
    • फ्रांसीसी क्रांति (France Revolution) को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर क्यों माना जाता है? यह लोकतंत्र के विकास का इतिहास है?
    • लोकतंत्र में सरकार का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
    • लोकतंत्र (Democracy) दुनिया भर में क्यों पसंद करता है? (लोकतंत्र के गुणों)
    • क्यों लोकतंत्र सरकार का बहुत लोकप्रिय रूप है? (लोकतंत्र के गुणों)
    • लोकतंत्र (Democracy) में कभी-कभी निर्णय गलत हो जाते है फिर भी हम लोकतांत्रिक को सरकार का अच्छा रूप (Good Form of Government) क्यों कहते हैं?
    • लोकतंत्र में चुनाव क्यों महत्वपूर्ण हैं? (Democracy and Election)
    • अन्य प्रश्न।

लोकतंत्र क्या है? (What is Democracy?)

लोकतंत्र दो शब्दों से मिलकर बना है। लोक + तंत्र जहां

    • लोक का मतलब ‘लोगों/ जगह’ से होता है।
    • तंत्र का मतलब ‘प्रणाम/ प्रणाली/ पद्धति/ व्यवस्था’ से है।

लोकतंत्र :- लोकतंत्र चुनाव पर आधारित एक व्यवस्था है जहां सत्ताधारी वर्ग का चुनाव जनता द्वारा किया जाता है।

नोट :- चुनाव (Election) एक प्रक्रिया है जिसमें लोगों के मतदान के द्वारा प्रतिनिधियों (Representatives) का चुनाव किया जाता है जैसे – MP, MLA, पार्षद पंच आदि।

लोकतंत्र ही क्यों (Why Democracy – Importance)?

लोकतंत्र को राजतंत्र (Monarchy), तानाशाही (Dictatorship), सैन्यतंत्र (Military System), समाजवादी व्यवस्था (Socialist system) तथा अन्य व्यवस्थाओं से सर्वोत्तम माना जाता है।

लोकतंत्र में प्रतिनिधियों (Representatives) को चुनाव के माध्यम से मान्यता दी जाती है और यह मान्यता जनता के द्वारा दी जाती है। और इनसे (प्रतिनिधियों से) अपेक्षा की जाती है कि वह जनता की आकांक्षाओं (Aspirations) के रूप में काम करेंगे।

नोट :- वह बात अलग है कि चुनाव समानता तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष हुए हैं या नहीं। लेकिन लोकतंत्र में चुनाव (Election) जरूर होता है।

लोकतंत्र (Democracy) केवल राजनीतिक व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह जीवन शैली है।

प्रत्यक्ष लोकतंत्र क्या है? (What is Direct Democracy?)

प्रत्यक्ष लोकतंत्र (Direct Democracy) का सबसे अच्छा उदाहरण स्विट्ज़रलैंड है। जहां पर जनता अपने देश के छोटे-छोटे फैसलौ को ही नहीं बल्कि बड़े से बड़े फैसलों पर भी मत देती है। यानी कि वहां की जनता ही वहां की संसद है जो सभी फैसले लेती है।

प्रत्यक्ष लोकतंत्र (Direct Democracy) में फैसले प्रतिनिधियों द्वारा नहीं बल्कि उस देश की जनता के द्वारा लिए जाते हैं और उन्हीं फैसलों को स्वीकृति मिलती है।

भारतीय चुनाव प्रकृति में लोकतांत्रिक क्यों माने जाते हैं?

भारतीय चुनाव प्रकृति में लोकतांत्रिक इसलिए माना जाता है क्योंकि लोकतंत्र में फैसले (Decision) प्रतिनिधियों (Representatives) के द्वारा लिए जाते हैं जो जनता के द्वारा चुने हुए होते हैं।

यदि कोई फैसला संविधान की मूल आत्मा के खिलाफ होता है तो उसकी न्यायालय को संविधान में न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) का अधिकार दिया गया है।

नोट :-  “न्यायालय को भारत में पूर्ण रूप से स्वतंत्र अधिकार दिए गए हैं, ताकि उन पर राजनीति प्रभाव ना हो।”

फ्रांसीसी क्रांति (France Revolution) को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर क्यों माना जाता है? यह लोकतंत्र के विकास का इतिहास है?

फ्रांसीसी क्रांति (France Revolution) को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर इसलिए माना जाता है क्योंकि इसने पूरी दुनिया के लोकतंत्र के तीन मूल तत्व (Three Basic Elements) दिए है। समानता (Equality), स्वतंत्रता (Freedom) और न्याय (Justice)।

लोकतंत्र में सरकार का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?

लोकतंत्र में सरकार का मुख्य उद्देश्य लोक कल्याणकारी राज्य (Public welfare state) की स्थापना” करना है।

अब बात करते हैं कि लोकतंत्र को दुनिया भर में क्यों पसंद किया जाता है? और आप महसूस करेंगे कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद दुनिया में लोकतांत्रिक देशों (Democratic Countries) की संख्या में काफी वृद्धि हुई है।

हम जानेंगे कि लोकतंत्र सरकार का बहुत लोकप्रिय रूप क्यों है आखिर लोकतंत्र में क्या गुण (Qualities) है चलिए बात करते हैं? लोकतंत्र की कुछ महत्वपूर्ण गुणों की।

लोकतंत्र के गुण [Qualities of democracy]

लोकतंत्र को पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है, क्योंकि इसकी जो पद्धति है वह लोगों पर आधारित है। लोगों का मतलब – ‘चुनाव पर’। चलिए देखते हैं – लोकतंत्र ही क्यों (Why Democracy)?

  1. दायित्व बोध (Sense of Responsibility) :-

  • लोकतंत्र को आप दो व्यक्तियों के बीच में अनुबंध (Contract) मान सकते हैं।
    • पहला वह जो लोग चुने जाते हैं (Representatives) और दूसरा जिनके द्वारा चुना गया जाता है (People)।
    • लोकतंत्र में प्रतिनिधि जनता के द्वारा चुने जाते हैं इसीलिए इनकी जवाबदेही (Sense of Responsibility) जनता के प्रति होती है।
    • ऐसा आपको (Sense of Responsibility) राजतंत्र (Monarchy), तानाशाही (Dictatorship), सैनिकतंत्र, साम्यवाद प्रणाली (Communism System) या अन्य व्यवस्था में नहीं मिलेगा।
उदाहरण (Examples) :-

चीन में लगभग 1958 से 1961 के बीच में बहुत बड़ी अकाल आया थी जिसके नाम ‘The Great Famine’ से जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि उसमें तीन करोड़ (30 Million +) से ज्यादा लोगों की मृत्यु हुई थी।

उस समय सरकार ‘Mao Zedong’ की  थीं। माओ ज़ेडॉन्ग (Mao Zedong) People’s Republic of China (कम्युनिस्ट पार्टी का प्रारंभिक रूप) पार्टी से थे जोकि लोकतांत्रिक नहीं थी।

यहां के शासक ने इस अकाल पर कोई ध्यान नहीं दिया और करोड़ों लोगों की मृत्यु हो गई। ध्यान न देने का कारण है दायित्व बोध। जनता के प्रति उनका कोई दायित्व नहीं था।

  1. बेहतर निर्णय(Better decision) :-

  • मैं यहां निर्णय सही या गलत की बात नहीं कर रहा हूं।
  • यह परिस्थितियों में लिया गया सबसे अच्छा निर्णय माना जाता है।
  • निर्णय लेने में केंद्र सरकार (Central Government), राज्य सरकार (State Government), स्थानीय सरकार (Local Government) तथा लोगों की भागीदारी होती है।
  • लोकतंत्र में मीडिया, संगठन, विपक्ष तथा दबाव समूह को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
  • इसमें निर्णयों में कभी – कभी देरी भी हो जाती है लेकिन उस परिस्थितियों में लिया गया सबसे अच्छा निर्णय माना जाता है।

नोट :-सबसे बेहतर लोकतंत्र वहीमाना जाता है जहां की जनता लोकतंत्र के प्रति सचेत हो तथा अपने कर्तव्य और दायित्वों के प्रति जागृत हो।“

  1. सामंजस्यमतभेदों का (Reconciliation of differences) :-

  • यह राजतंत्र (Monarchy) नहीं लोकतंत्र है तो इसमें एक दूसरे से सामंजस्य बिठाना पड़ता है।
  • आपको विपक्ष में बैठे लोगों को तथा जनता को उत्तर देना होता है।
  • लोकतंत्र में विपक्ष या न जनता की अवहेलना (Disregard) किए बिना काम करना पड़ता है होता है क्योंकि इसमें दो पक्षों के बीच में कॉन्ट्रैक्ट (Contract) होता है।
  • लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of expression) का दमन नहीं होता है क्योंकि लोकतंत्र में समानता और स्वतंत्रता का मुख्य रुप से ध्यान रखा जाता है।
  1. राष्ट्रीय एकता और अखंडता (National Unity and Integrity) :-

एकता (Unity) और अखंडता (Integrity) शब्द एक-दूसरे का पर्याय नहीं है। इनमें थोड़ा सा अंतर है।

  • राष्ट्रीयता एकता (National Unity) का मतलब सभी लोग एक साथ मिलकर रहे रहे हो।
  • अखंडता (Integrity) का मतलब कोई (राज्य) वहां से अलग होने की सोच ही नहीं सकता।

नोट :- हमारा भारत राज्यों का समूह है (महासंघ)। लेकिन वह अमेरिका की तरह राज्यों के समझौते का परिणाम नहीं है इसलिए किसी भी राज्य को देश से अलग होने का अधिकार नहीं है।

  1. मानवीय गरिमा (Human Dignity) :-

मानवीय गरिमा को ध्यान में रखते हुए भारतीय संविधान में इसका विशेष ध्यान रखा गया है। समानता के अधिकार को देखें तो वयस्क मताधिकार हमारे मूल अधिकारों में भी शामिल है।

समानता (Equality) का मतलब मानवीय गरिमा का सम्मान करना है।

अंग्रेजी अपने आप को भारत की आजादी के समय लोकतांत्रिक बताते थे लेकिन कनॉट प्लेस पर किसी भारतीय को जाने की इजाजत नहीं थी। वहां केवल ब्रिटिश लोग तथा राजकुमार ही जा सकते थे।

इसके अंतर्गत हम दक्षिण अफ्रीका में जो गांधी जी के साथ वह भी मानवीय गरिमा के खिलाफ है।

मानवीय गरिमा (Human Dignity) के अंतर्गत हम 1975 में भारत की आपातकाल को कैसे भूल सकते हैं जिसमें मानवीय गरिमा तथा स्वतंत्रता का गला घोट दिया। फिर जनता ने इसका मूल्यांकन किया और सन 1977 में कांग्रेसका को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा।

  1. पारदर्शिता (Transparency) :-

लोकतंत्र (Democracy) में तुलनात्मक किसी और तंत्र के मुकाबले ज्यादा पारदर्शिता देखी जा सकती है।

सूचना का अधिकार (Right to information) या आरटीआई (RTI) उसी दशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।

इससे भ्रष्टाचार में कुछ हद तक नियंत्रण किया जा सकता है क्योंकि आरटीआई के माध्यम से जनता सरकार के प्रति सतर्क हो जाती है और सरकार को ना चाहते हुए भी जवाबदेही (Accountability) सुनिश्चित करनी पड़ती है।

यह भी पढ़े :- [Hindi] Democracy: Meaning, Understanding, Pillars, Countries Examples

यह भी पढ़े :- [Hindi] Pillars of Democracy: Meaning, Understanding, Countries Examples

लोकतंत्र (Democracy) में कभी कभी निर्णय गलत हो जाते है फिर भी हम लोकतांत्रिक को सरकार का अच्छा रूप (Good Form of Government) क्यों कहते हैं?

    • यह बात सही है कि लोकतंत्र (Democracy) में कभी – कभी निर्णय गलत हो जाते है फिर भी हम लोकतांत्रिक को सरकार का अच्छा रूप  इसलिए माना जाता है क्योंकि उस परिस्थिति में लिया गया सबसे अच्छा निर्णय होता है।
    • क्यूँकि निर्णय लेने में केंद्र सरकार (Central Government), राज्य सरकार (State Government), स्थानीय सरकार (Local Government) तथा लोगों की भागीदारी होती है।
    • लोकतंत्र में मीडिया, संगठन, विपक्ष, तथा दबाव समूह (Pressure Group) को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
    • इसमें निर्णयों में कभी – कभी देरी भी हो जाती है लेकिन उस परिस्थितियों में लिया गया सबसे अच्छा निर्णय माना जाता है।
    • मान लीजिए अगर 75% निर्णय सही होते हैं तो 25% निर्णय गलत भी हो सकते हैं।

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लोकतंत्र में चुनाव क्यों महत्वपूर्ण हैं? (Democracy and Election)

जिस तरह मनुष्य के शरीर में ‘नसों’ को महत्वपूर्ण माना जाता है। उसी तरह लोकतंत्र में चुनावों को महत्वपूर्ण माना जाता है। चुनाव के बिना लोकतंत्र का कोई अर्थ नहीं है। नहीं तो वह राजतंत्र या कोई अन्य प्रणाली कही जा सकती है।

लोकतंत्र में चुनाव समता, समानता, तथा निष्पक्ष रुप से होनी चाहिए।

अगर चुनाव नहीं होगा तो हम प्रतिनिधि कैसे चुने गए..!! और हमारी यानी जनता की आकांक्षाओं को देश के सामने कौन रखेगा..! इसीलिए लोकतंत्र में चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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इस लेख के माध्यम से आपको लोकतंत्र के विषय में विस्तार से समझाने की कोशिश की गई है। अगर आपको यह पसंद आया हो तो आप इसे अपने साथियों के साथ शेयर करना ना भूले। यह उनके लिए भी काफी लाभदायक साबित होगा।

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